श्रद्धा • भक्ति • शांति

माँ हिंगलाज आरती एवं मंत्र

माँ हिंगलाज की दिव्य आरती सुनें और पवित्र मंत्रों का पाठ करके मन में शांति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करें।

माँ हिंगलाज आरती

माँ हिंगलाज आरती

माँ हिंगलाज की आरती श्रद्धा, विश्वास और शांत मन से करने पर जीवन में साहस, सकारात्मकता और माँ का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है।

आरती सुनें

माँ हिंगलाज की दिव्य आरती

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संपूर्ण आरती

माँ हिंगलाज आरती

पूर्ण श्रद्धा के साथ आरती का पाठ करें और माँ हिंगलाज से सुख, शांति, रक्षा और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करें।

ॐ जय हिंगलाज माता, मैया जय हिंगलाज माता।

जो नर तुमको ध्याता, वांछित फल पाता॥

ॐ जय हिंगलाज माता...

हीरा पन्ना मंडित, शीश मुकुट सोहे।

भाल सिन्दूरी टीका, भक्तन मन मोहे॥

ॐ जय हिंगलाज माता...

कर्णफूल अति उज्ज्वल, झिलमिल सा चमके।

गजमोतिन की माला, कण्ठन पर दमके॥

ॐ जय हिंगलाज माता...

स्वर्ण मेखला कटि में, रत्नजड़ित लोभे।

रक्तांबर मणि मण्डित, अँगन पर शोभे॥

ॐ जय हिंगलाज माता...

हाथ त्रिशूल विराजे, चक्र खड़्गधारी।

धनुष बाण औ ज्वाला, धारे महतारी॥

ॐ जय हिंगलाज माता...

राजहंस तव वाहन, श्वेतासन राजे।

सिंहासन वृषभासन, माता को साजे॥

ॐ जय हिंगलाज माता...

खड़े भीमलोचन हैं, भैरव तव द्वारे।

शक्ति कोटरी तेरी, शक्ति पीठ तारे॥

ॐ जय हिंगलाज माता...

क्षेत्र हिंगला ज्वाला, मुख सा है तेरा।

ब्रह्मरंध्र से प्रकटी, महातीर्थ तेरा॥

ॐ जय हिंगलाज माता...

क्षत्रिय कुल की रक्षक, सबकी है माता।

नर-नारी और साधु, अभय सदा पाता॥

ॐ जय हिंगलाज माता...

कनक पात्र में शोभित, अगर कपूर बाती।

आरती हम सब गावत, और तुम हो वरदात्री॥

ॐ जय हिंगलाज माता...

माँ हिंगलाज की आरती, हम सब मिल गावें।

तन मन धन सुख सम्पत्ति, इच्छा फल पायें॥

ॐ जय हिंगलाज माता...

ॐ जय हिंगलाज माता, मैया जय हिंगलाज माता।

जो नर तुमको ध्याता, वांछित फल पाता॥

ॐ जय हिंगलाज माता...

॥ इति श्री हिंगलाज माता आरती संपूर्णम् ॥

आरती के लाभ

सकारात्मक ऊर्जा

मन को शांति, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

घर में सुख-शांति

घर-परिवार में शुभ वातावरण, प्रेम और समृद्धि बनी रहती है।

माँ का संरक्षण

माँ हिंगलाज की कृपा से भय, चिंता और नकारात्मकता दूर होती है।

आत्मिक शक्ति

श्रद्धा और विश्वास से आत्मबल, साहस और भक्ति भाव बढ़ता है।

आरती कैसे करें?

1

स्वच्छ स्थान पर दीपक, पुष्प और पूजा सामग्री रखें।

2

माँ हिंगलाज का ध्यान करके श्रद्धा से दीप प्रज्वलित करें।

3

शांत मन और भक्ति भाव से आरती गाएं या सुनें।

4

परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और मंगल के लिए प्रार्थना करें।

5

आरती के बाद प्रसाद सभी में प्रेमपूर्वक वितरित करें।